सोमनाथ की गाथा फिल्म देख भावुक हुए भोपालवासी, सरदार पटेल के योगदान को किया याद


भोपाल। सनातन धर्म सेवा समिति एवं सिंधु सेना के संयुक्त तत्वावधान में अनिल थारवानी द्वारा रविवार शाम तालिब धाम, सिंधी कम्युनिटी हॉल, ईदगाह हिल्स में श्री सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर आधारित फिल्म “श्री सोमनाथ की गाथा – Jai Somnath” का बड़ी स्क्रीन पर भव्य प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में धर्मप्रेमी नागरिक, मातृशक्ति एवं युवाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो” के उद्घोष के साथ हुआ। केतन मेहता द्वारा निर्देशित फिल्म में सोमनाथ मंदिर पर हुए 17 आक्रमणों एवं सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा कराए गए मंदिर के पुनर्निर्माण को विस्तार से दर्शाया गया। फिल्म देखकर उपस्थित जनसमूह भावुक हो गया। कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
इस अवसर पर धर्म गुरु अनिलानंद जी ने बताया कि “यह फिल्म नहीं, भारत की आत्मा है। सोमनाथ हमें सिखाता है कि हम मिटने वाली कौम नहीं हैं। सरदार पटेल ने जो संकल्प लिया, वही आज राम मंदिर, काशी विश्वनाथ के रूप में पूरा हो रहा है।”
सिंधु सेना के अध्यक्ष राकेश कुकरेजा ने कहा कि “नई पीढ़ी को अपना इतिहास पता होना चाहिए। एक छोटा प्रयास अपने इतिहास को पहचानने का सफल रहा।”
कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम आयोजक अनिल थारवानी ने लोगों के साथ खड़े होकर “हर-हर महादेव” एवं “भारत माता की जय” के नारे लगाए तथा सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए 2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प लिया।



