बच्चों ने मां पर लिखे अपने उद्गार


बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र में 9 मई से क्राफ्ट कार्यशाला आयोजित की जा रही है. उसी में आज मातृ दिवस पर माँ पर उद्गार लिखने को कहा गया, जिसमें नाम शियाना तिवारी ने लिखा की “माँ लाड दुलार है और हमारी प्रथम गुरु माँ है” मंशा प्रजापति ने अपने भाव इस प्रकार व्यक्त किए “शब्दकोश का सबसे सुंदर शब्द माँ होती है” स्नेहा नामदेव ने लिखा ज्ञान देती है सांसे देती है हमेशा हमारा ध्यान रखती है” छोटे से बच्चे अमय ने लिखा माँ ने हमको पालापोसा है। समीक्षा ने माँ पर यूँ लिखा “माँ जीवन देती है और संस्कार देती हैं” साक्षी नामदेव ने लिखा कि माँ जीने की कला सिखाती है. आलिया ने अपने भाव इस प्रकार व्यक्त किये की मां ही है जो हमें सही राह दिखाती है, इस प्रकार के भाव अन्य बच्चों ने भी व्यक्त किये कार्यक्रम के प्रारंभ में बाल साहित्यकार श्रीमती श्यामा गुप्ता दर्शना ने माँ पर तुम बचपन की गुरु हो मेरी पतवार हो….
सुधा दुबे ने बोला हमें अपनी माँ का हमेशा सम्मान करना चाहिए। कल्पना राय ने इस बारे में कहा कि माँ सर्वश्रेष्ठ हैं।
इस इस कार्यशाला में 30 बच्चे उपस्थित थे जिसका समापन 12 तारीख को प्रदर्शनी के बाद होगा।



