विद्यार्थी संस्कार शिविर का भव्य समापन, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन


भोपाल। अखिल विश्व गायत्री परिवार अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन एवं गायत्री शक्तिपीठ के निर्देशन में गायत्री चेतना केंद्र द्वारा आयोजित 16 दिवसीय विद्यार्थी संस्कार शिविर का भव्य समापन शनिवार को कोलार स्थित जवाहरलाल नेहरू स्कूल में संपन्न हुआ। समापन समारोह में बच्चों की आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। गर्मी की छुट्टियों में जहां विभिन्न स्थानों पर समर कैंप आयोजित किए जाते हैं, वहीं गायत्री परिवार द्वारा संस्कार परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देशभर में विद्यार्थी संस्कार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 2 मई से 17 मई तक आयोजित इस शिविर में 44 से अधिक बच्चों, उनके अभिभावकों एवं कोलार क्षेत्र के गायत्री परिजनों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। शिविर के दौरान बच्चों को ध्यान-योग, अखंड ज्योति की प्रेरणादायी कहानियां, आर्ट, क्राफ्ट, पेंटिंग एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया। अभिभावकों ने शिविर को जीवन बदलने वाला अनुभव बताते हुए कहा कि बच्चों में सुबह से शाम तक की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक दिनचर्या के संस्कार विकसित हुए हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रमेश नागर ने बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ने की पहल की सराहना की। वहीं कोलार समन्वयक आशा पाठक ने गायत्री परिवार के मिशन एवं संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का प्रतिवेदन रेखा सक्सेना द्वारा प्रस्तुत किया गया। स्कूल की प्राचार्य श्रीमती बादल ने इस आयोजन को अनोखा अनुभव बताया, जबकि वार्ड पार्षद श्रीमती ज्योति मिश्रा ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे अन्य क्षेत्रों में भी आयोजित करने का आह्वान किया। समारोह में आध्या सक्सेना, अनन्या सिंह, अदिति श्रीवास्तव, अदिति कपूर, अमूल्य स्वर्णकार, हिमांशी ताम्रकार, मौली एवं अनिका भटनागर सहित कई बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में श्याम शर्मा, देवेंद्र श्रीवास्तव, रीता मंडल, रूबी जायसवाल, हेमंत जायसवाल एवं सुशील शर्मा का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन अमरेश पाठक ने किया। इसी दिन गायत्री शक्तिपीठ में “युवा व्यक्तित्व परिष्कार सत्र” का आयोजन भी किया गया। यह विशेष सत्र प्रत्येक माह के तीसरे रविवार को गायत्री शक्तिपीठ व्यवस्थापक राजेश पटेल के मार्गदर्शन एवं युवा प्रकोष्ठ टीम के सहयोग से आयोजित किया जाता है, जिसमें युवाओं को जीवन में शक्ति, स्पष्टता एवं संतुलन लाने के लिए प्रेरित किया जाता है। सत्र में 15 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं ने सहभागिता कर व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक सोच एवं आत्मिक उन्नति से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। आयोजकों ने युवाओं से नियमित रूप से इस सत्र से जुड़कर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।


