सुप्रिया लाइफसाइंस ने दर्ज की वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 31% रेवेन्यू ग्रोथ

मुंबई, 18 अगस्त 2026: वैश्विक स्तर पर मान्य विनिर्माण गुणवत्ता मानकों का पालन करने वाली (cGMP) और दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले मुख्य रासायनिक तत्व (एपीआई) के निर्माण में मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रखने वाली कंपनी सुप्रिया लाइफसाइंस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के बिना ऑडिट वाले वित्तीय आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी कई तरह के थेरेप्यूटिक सेगमेंट के प्रोडक्ट पर काम करती है, जिनमें एंटी-हिस्टामिन, एंटी-एलर्जिक, विटामिन, एनेस्थेटिक और एंटी-अस्थमेटिक शामिल हैं। कंपनी का कारोबार दुनिया भर के 120 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है।
मुख्य कंसॉलिडेटेड वित्तीय आंकड़े:
विवरण वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही
रेवेन्यू (करोड़ रुपये में) 189.75 145.07
एबिटा (करोड़ रुपये में) 47.46 51.70
एबिटा मार्जिन 25.0% 35.6%
पीएटी (करोड़ रुपये में) 24.04 34.79
पीएटी मार्जिन 12.7% 24.0%
तिमाही ईपीएस (रुपये में) 2.99 4.32
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही की मुख्य बातें:
· वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में सुप्रिया लाइफसाइंस लिमिटेड का रेवेन्यू सालाना आधार पर 30.8% बढ़कर 189.75 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 145.07 करोड़ रुपये था।
· वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एबिटा 47.46 करोड़ रुपये रहा, जिसमें एबिटा मार्जिन 25.0% रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 51.70 करोड़ रुपये था और मार्जिन 35.6% था।
· वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में टैक्स के बाद का मुनाफा (पीएटी) 24.04 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 34.79 करोड़ रुपये था। पीएटी मार्जिन वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 12.7% रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 24.0% था।
· वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एनेस्थेटिक सेगमेंट सबसे बड़ा थेरेप्यूटिक योगदानकर्ता बना रहा, जिसकी रेवेन्यू में हिस्सेदारी 48% रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 53% थी। विटामिन ने वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में रेवेन्यू का 17% हिस्सा दिया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 11% था।
· वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एशिया सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा, जिसकी रेवेन्यू में हिस्सेदारी 39% रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 32% थी। यूरोप की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 35% रही। लैटिन अमेरिका ने 20% योगदान दिया, जबकि उत्तरी अमेरिका और बाकी बाजारों ने 3-3% योगदान दिया।
· वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के रेवेन्यू में निर्यात की हिस्सेदारी 81% रही, जो यह दिखाता है कि कंपनी वैश्विक बाजारों और अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में मौजूदगी पर लगातार ध्यान दे रही है।
इस तिमाही में कंपनी ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बढ़त बनाए रखी। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में लॉन्च हुए कार्डियोवैस्कुलर प्रोडक्ट ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में रेवेन्यू देना शुरू किया, और आगे इसे और बड़े पैमाने पर बढ़ाने की तैयारी मजबूत हो रही है। एडीएचडी प्रोडक्ट को लैटिन अमेरिका और यूरोप से जबरदस्त मांग मिली है और अब यह बड़े पैमाने पर बढ़ रहा है। लिक्विड एनेस्थेटिक प्रोडक्ट को कमर्शियल रूप से बाजार में उतारा जा चुका है, और हर महीने नियमित सप्लाई जारी है।
कंपनी वित्त वर्ष 27 के लिए अपने प्रोडक्ट पाइपलाइन को भी आगे बढ़ा रही है। इसके तहत एनेस्थेटिक और एडीएचडी में करीब दो-दो नए प्रोडक्ट लॉन्च करने की योजना है, ताकि प्रोडक्ट पाइपलाइन को और मजबूत बनाया जा सके और आगे की ग्रोथ को सहारा मिले।
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन यानी क्षमता का उपयोग 70% रहा, जबकि वित्त वर्ष 26 में यह 74% और वित्त वर्ष 25 में 70% था। कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को लगातार बढ़ा रही है, और सभी मैन्युफैक्चरिंग ब्लॉक मिलाकर कुल रिएक्टर क्षमता 932 केएलपीडी है।
अंबरनाथ फैसिलिटी में फिनिश्ड डोसेज बनाने की क्षमता शुरू हो चुकी है, जिसमें टैबलेट, कैप्सूल, लिक्विड, नेजल, इनहेलेशन और इंजेक्शन जैसे डोसेज फॉर्म शामिल हैं। डोजियर जमा करने के लिए वैलिडेशन और रजिस्ट्रेशन बैच पर काम चल रहा है।
कंपनी अपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षमता को भी लगातार मजबूत कर रही है, जिसमें 68 से ज्यादा वैज्ञानिक मुख्य रूप से एपीआई और फॉर्मूलेशन प्रोसेस डेवलपमेंट पर काम कर रहे हैं। कंपनी ने अंबरनाथ और लोटे में दो नए रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भी शुरू किए हैं, और हर साल 3 से 4 नए प्रोडक्ट जोड़ने की कोशिश जारी है।
नतीजों पर बात करते हुए सुप्रिया लाइफसाइंस लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और होल-टाइम डायरेक्टर डॉ. सतीश वाघ ने कहा, “वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में हमारे मुख्य कारोबार ने अच्छी रफ्तार बनाए रखी है, जिसे मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और दुनिया भर के बाजारों में हमारी अलग-अलग मौजूदगी से सहारा मिल रहा है। हमारा ध्यान अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाने, मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षमताओं को मजबूत करने, और मुख्य थेरेप्यूटिक सेगमेंट में नए प्रोडक्ट को आगे बढ़ाने पर बना हुआ है। एक्सपोर्ट पर केंद्रित मजबूत कारोबार, क्षमता और इनोवेशन में लगातार निवेश, और एनेस्थेटिक व एडीएचडी में बढ़ती पाइपलाइन के साथ, हम टिकाऊ और लंबे समय की ग्रोथ बनाने पर ध्यान दे रहे हैं।”



