भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक पर उमड़ा आस्था का सैलाब

निर्वाण को प्राप्त करना है तो सभी प्रकार के निर्माण से दूर हो जाओ , मोक्षमार्ग में सगे संबंधी काम नहीं आते—————आचार्य श्री भोपाल जैन धर्म के 23 वे तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा भक्ति उत्साह से मनाया गया, शहर के मंदिरों में भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक शांति धारा के साथ पूजा अर्चना की गई, इस दिवस को मुकुट सप्तमी भी कहते हैं अनेकों श्रद्धालुओं द्वारा पूजा जाप अनुष्ठान के साथ निर्जल उपवास किए, आचार्य समय सागर महाराज सासंघ के सानिध्य में भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक के साथ निर्वाण भक्ति के उच्चारण के साथ निर्वाण लाडू अर्पित किए सुज्जित निर्वाण लाडू में देश भक्ति, गो सेवा, पर्यावरण की रक्षा का संदेश था, चंदन नगर पाठ शाला परिवार को अरघ अर्पित करने का सौभाग्य मिला, निर्वाण कल्याणक के पावन अवसर पर ब्रह्मचारी भैया बहनों द्वारा दीक्षा की भावना के साथ आचार्य श्री को फल अर्पित किए, आचार्य श्री ने कहा साधना में मन को स्थिर संयत कर अनुशासन की आवश्यकता है, निर्वाण को प्राप्त होना है तो सभी प्रकार के निर्माण से दूर होना होगा, जब तक वैराग्य के भाव जागृत नहीं होते वितरागता की ओर दृष्टि भी जाती, राग को अंडर में रखना कोई खेल नहीं, अपने आप को राग से ऊपर उठाने के लिए दीर्घ साधना की आवश्यकता है पुराने करम हमेशा साधना में व्यवधान उत्पन्न करते हैं, मोक्ष मार्ग परिषय उपसर्ग के बीच से गया है, मोक्ष मार्ग में साथी संबन्धी काम नहीं आने वाले, चतुर्मास समिति के प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कार्यक्रम संचालन प्रतिष्ठाचार्य अविनाश भइया ने किया,मुख्य निर्वाण लाडू राकेश जैन, विजय शर्मिला मोदी, देवेंद्र वर्षा रुचि ,विनोद नीति चौधरी अनुपम, जिनेंद्र टोंग्या ने अर्पित किए * शहर के सभी मंदिरों में निर्वाण कल्याण बेला पर पूजा अर्चना के साथ निर्वाण लाडू अर्पित किए गए,,अंशुल जैन प्रवक्ता



