जवानी में किया इश्क… बुढ़ापे में मिली सजा, गर्लफ्रेंड के कत्ल में 63 साल का प्रेमी दोषी

केरल की एक अदालत ने 2012 में गर्भवती महिला कर्मचारी की हत्या करने के मामले में 63 वर्षीय व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियुक्त ने अपने प्रेम संबंध को छिपाने के लिए महिला की हत्या की थी। तोड़ुपुझा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सानू एस. पनिकर ने मैथ्यू देवस्या को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई और उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जिला अभियोजक एस. एस. सनीश ने यह जानकारी दी।
अविवाहित प्रेमिका थी गर्भवती
अभियोजन के अनुसार, ‘थंकाचन’ के नाम से भी जाना जाने वाला देवस्या कट्टप्पना के पास इलायची के बागान में निरीक्षक था और पीड़िता अंबिली वहां मजदूर थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध था और अंबिली गर्भवती हो गई थी। अभियोजन ने अदालत में कहा कि देवस्या शादीशुदा था और उसके बच्चे थे, जबकि अंबिली अविवाहित थी। संबंध की बात छिपाने और अपनी बदनामी से बचने के लिए आरोपी ने उसकी हत्या की साजिश रची। उसने प्लास्टिक की रस्सी और तिरपाल की व्यवस्था की तथा अंबिली को पंपाडुमपारा इलाके के पास मिलने के लिए बुलाया।
मिलने के बहाने कॉफी बागान में बुलाया फिर की हत्या
अभियोजन के अनुसार, अंबिली के वहां पहुंचने पर आरोपी उसे पास के कॉफी बागान में ले गया और एक सुनसान जगह पर प्लास्टिक की रस्सी से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद शव को तिरपाल में लपेटकर पत्थरों से बांधा और तालाब में फेंक दिया। अंबिली के घर नहीं लौटने पर उसके माता-पिता ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, इसी दौरान देवस्या ने आत्महत्या का प्रयास किया।
तालाब से मिले थे महिला और बच्चे के शव
अभियोजक ने बताया कि हत्या के कई दिन बाद पंपाडुमपारा कॉफी बागान में काम करने वाले लोगों ने पास के तालाब में बदबूदार नीले रंग का तिरपाल देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तिरपाल बाहर निकाला तो उसमें एक महिला और एक बच्चे के शव मिले। बच्चे की नाल महिला के शरीर से जुड़ी हुई थी। डीएनए जांच से हुई थी पहचान
माता-पिता ने शव की पहचान अंबिली के रूप में की और डीएनए जांच से भी इसकी पुष्टि हुई। बाद में पता चला कि देवस्या ही बच्चे का पिता था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सनीश ने कहा कि मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन स्पष्ट और ठोस परिस्थितिजन्य तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया और सजा सुनाई गई।



