स्टेट बैंक साहित्य कला परिषद और दुष्यंत संग्रहालय ने मनाया फागोत्सव
शहर के साहित्यकारों और फाग मंडलियों ने प्रस्तुतियां देकर किया भाव विभोर- सुरेश पटवा


भोपाल , 1 मार्च। स्टेट बैंक साहित्य एवं कला परिषद, भोपाल एवं दुष्यंत संग्रहालय भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में राज सदन में रंगारंग फागोत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के संयोजक सुरेश पटवा ने बताया कि रंगों के त्योहार होली के उपलक्ष्य में शहर की फाग मंडलियों और कवि तथा कवियित्रियों ने प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। मुख्य अतिथि के रूप में नरेंद्र दीपक हिंदी राइटर्स गिल्ड “कनाडा” की अध्यक्ष डॉ शैलजा सक्सेना, विशेष अतिथि जवाहर कर्णावत, सारस्वत अतिथि “लंदन” से पधारी वातायन संस्था की संस्थापक “सुश्री दिव्या माथुर”, दिल्ली से पधारे अनिल जोशी, “स्टेट बैंक साहित्य एवं कला परिषद” के अध्यक्ष गोकुल सोनी, संयोजक सुरेश पटवा भी मंचासीन रहे। सफल संचालन विशाखा राजुरकर ने किया। करुणा राजुरकर द्वारा स्वागत उद्बोधन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रथम भाग में लोकगीत गायिका रीता बेन और साथियों ने सुमधुर होली एवं फागुन के गीतों से समां बांध दिया उसके बाद में पुष्पलता शर्मा द्वारा फाग गीतों की प्रस्तुति की गई। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष गोकुल सोनी ने कहा कि होली का त्यौहार आज के युद्धरत और विद्वेषपूर्ण समाज को एकता भाईचारे, प्रेम, शांति एवं सद्भाव का संदेश देता है। उन्होंने सुंदर फाग गीत “फागुन फागुन मनवा, देखो खूब मची हुड़दंग,” सुनकर श्रोताओं को आनंदित कर दिया। संयोजक श्री सुरेश पटवा ने इस अवसर पर कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि “होली जैसा त्योहार सिर्फ भारत में ही हो सकता है, जिसमें लोग अपने अहम को पिघला कर एक स्तर पर आ एक रंग में मस्त हो जाते हैं।” अध्यक्षता कर रहे नरेंद्र दीपक ने अपने उद्बोधन में कहा कि “देश में दुष्यंत संग्रहालय का नाम अग्रणी है। एक माह में यहाँ बीस कार्यक्रम होते हैं। डॉक्टर शैलजा सक्सेना और जवाहर कर्णावट को हिंदी को दुनिया में फैलाने का श्रेय दिया जाना चाहिए।”


