भगवान बुद्ध के प्रधान शिष्य सारीपुत्र एवं महामोग्गल्यान जी की पवित्र अस्थि धातुएँ कम्बोडिया जायेगी


मध्यप्रदेश के विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप से भगवान बुद्ध के प्रधान शिष्य सारीपुत्र एवं महामोग्गल्यान की पवित्र अस्थि धातुएँ केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार दिनांक 30 मई 2026 को दस दिन के लिए श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के अध्यक्ष एवं सांची के चेतियागिरी विहार के विहाराधिपति पूज्य भन्ते बानागल उपतिस्स नायक थेरो जी के साथ साॅची से कम्बोडिया के लिए रवाना होंगी। कम्बोडिया में इन पवित्र धातुओं के दर्शन, पूजन एवं धम्म प्रचार-प्रसार के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह पवित्र अस्थि धातुएँ 10 जून 2026 को पुनः भारत लौटेंगी। इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव , पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रल्हाद पटेल एवं संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी को 30 मई को सांची मे आगमन के लिए आमंत्रित करने हेतु पूज्य भन्ते यू.तपस्सी महाथेरो जी ने पत्र देकर निवेदन किया गया है। इस अवसर पर देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम तथा दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के जिला महासचिव अशोक पाटील भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में बौद्ध अनुयायियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ पवित्र अस्थि धातुओं को विदाई दी जाएगी। यह अवसर भारत और कम्बोडिया के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके पूर्व यह पवित्र अस्थियां थाईलैंड भेजी गई थी।



