हरियाणा के हथीन उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव आलुका से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां अनुसूचित जाति की दो युवतियों को स्थानीय शिव मंदिर में जल चढ़ाने से कथित तौर पर रोके जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना बीते सोमवार की बताई जा रही है, जिसने इलाके में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
क्या है वायरल वीडियो में?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि जब दोनों युवतियां शिव मंदिर में पूजा-अर्चना और जल चढ़ाने के उद्देश्य से पहुंचती हैं, तो वहां मौजूद एक बुजुर्ग महिला उन्हें अंदर जाने से रोक देती है। वीडियो में बुजुर्ग महिला हाथ में छड़ी लिए हुए युवतियों को डराती और उन्हें पीछे हटने के लिए कहती हुई नजर आ रही है। इस घटना ने समाज में समानता के अधिकार को लेकर चर्चा छेड़ दी हैबजरंग दल की कड़ी प्रतिक्रिया
वीडियो के वायरल होने के बाद विभिन्न संगठनों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रीय बजरंग दल के नेता मनीष भारद्वाज ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी हिंदू को मंदिर में पूजा करने से नहीं रोका जा सकता। भारद्वाज ने कहा कि अनुसूचित जाति के लोग हिंदू समाज का अभिन्न और महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्हें भी अन्य लोगों की तरह मंदिरों में पूरे सम्मान के साथ पूजा-अर्चना करने का पूरा अधिकार है।ग्रामीणों ने दिखाई समझदारी, पुलिस को शिकायत का इंतजार
विवाद बढ़ने की आशंकाओं के बीच आलुका गांव के ग्रामीणों ने समझदारी का परिचय दिया। गांव के कई प्रमुख लोगों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें समाज में पूर्ण सम्मान व आपसी भाईचारा बनाए रखने का पक्का भरोसा दिया।सरपंच का बयान
गांव के सरपंच पृथ्वी सिंह ने मामले को शांत करते हुए कहा कि पूरे गांव में सभी समुदाय आपसी प्रेम और सम्मान के साथ रहते हैं, और गांव में कोई विवाद या तनाव नहीं है। स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जानकारी उन्हें है, लेकिन अब तक इस घटना के संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।