खरगोन जिले के जामघाट में शुक्रवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब महाराष्ट्र के 50 से अधिक विद्यार्थियों से भरी एक यात्री बस ब्रेक फेल होने के बाद सड़क की रेलिंग तोड़ते हुए खाई के ऊपर जा लटकी। गनीमत रही कि बस गहरी खाई में गिरने से पहले ही अटक गई और सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के विद्यार्थी इंदौर से जामघाट होते हुए महेश्वर घूमने जा रहे थे। जामघाट क्षेत्र में अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए। इसके बाद बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी रेलिंग से टकरा गई और रेलिंग तोड़ते हुए खाई के ऊपर लटक गई। बस के खाई की ओर लटकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल मदद के लिए आगे आते हुए बस में फंसे विद्यार्थियों को बाहर निकालना शुरू किया।ब्रेक हो गए थे फेल
हादसा मंडलेश्वर-महू मार्ग पर जाम घाट पर हुआ है। बताया गया कि महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के कोपरगांव स्थित विश्वविद्यालय के 51 विद्यार्थी और उनकी शिक्षिका शैक्षणिक भ्रमण के दौरान जाम घाट से गुजर रहे थे। ओंकारेश्वर और आईआईटी इंदौर का भ्रमण करने के बाद दल महेश्वर जा रहा था। इसी दौरान घाट के एक खतरनाक मोड़ पर अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए। ढलान पर ब्रेक काम नहीं करने से चालक के सामने वाहन को नियंत्रित करने की चुनौती खड़ी हो गई। बस सुरक्षा रेलिंग से टकराने के बाद सड़क के किनारे पहुंच गई और उसका अगला हिस्सा खाई की ओर झुक गया। चालक ने तत्काल वाहन को संभालने का प्रयास किया। इसी दौरान सड़क किनारे मौजूद पत्थरों के ढेर से बस अटक गई और खाई में गिरने से बच गई।इमरजेंसी गेट से निकाले गए सभी विद्यार्थी
बस के खाई की तरफ झुकते ही अंदर बैठे विद्यार्थियों में दहशत फैल गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बस का आपातकालीन गेट खोलकर विद्यार्थियों और शिक्षिका को एक-एक कर बाहर निकाला। राहत की बात रही कि घटना में किसी भी विद्यार्थी को चोट नहीं आई। ग्रामीणों की मदद से बस में सवार सभी 50 से अधिक विद्यार्थियों को इमरजेंसी गेट के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। बड़ा हादसा टलने के बाद विद्यार्थियों को निजी वाहनों की मदद से महेश्वर पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही मंडलेश्वर थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। मंडलेश्वर थाना प्रभारी पंकज तिवारी ने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली।
शिक्षिका सीमा के मुताबिक ब्रेक फेल होने के बाद कुछ पल बेहद डरावने थे। चालक ने समय रहते वाहन को संभालने की कोशिश की और ग्रामीण भी तुरंत मदद के लिए पहुंच गए। उनकी तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। जाम घाट के इस खतरनाक मोड़ पर चालक की सूझबूझ और ग्रामीणों की त्वरित मदद ने 52 लोगों को सुरक्षित बचा लिया। गौरतलब है कि कुछ साल पहले भी इंदौर की एक निजी स्कूल की बस इसी तरह घाट पर पलट गई थी। उस दौरान भी कुछ बच्चों को चोट आई थी
