ईरान हमलों पर चेतावनी न मिलने से कुछ खाड़ी देश ट्रंप से नाराज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन खाड़ी देशों के सहयोगियों की बढ़ती नाराजगी का सामना कर रहा है। उन्होंने शिकायत की है कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों के जवाब में उन्हें अपने देशों पर हुए ईरानी ड्रोन और मिसाइलों हमलों के लिए तैयारी के लिए पूरा वक्त नहीं दिया गया।
दो खाड़ी देशों के अधिकारियों ने कहा कि उनके देशों को हमलों का जवाब देने के लिए वक्त नहीं मिला, क्योंकि ट्रंप ने उन्हें संयुक्त अमेरिका-इस्राइली ऑपरेशन की पहले से सूचना नहीं दी। खाड़ी देशों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि ईरान पर हमला पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर नतीजे ला सकता है, लेकिन उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया। एक अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में यह धारणा बन रही है कि अमेरिकी सेना ने मुख्य रूप से इस्राइल और अपने सैनिकों की रक्षा पर ध्यान दिया, जबकि खाड़ी देशों को खुद बचाव करना पड़ा। उनके मुताबिक, इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार तेजी से कम हो रहा है। सीएनएन ने पूर्व सऊदी खुफिया प्रमुख प्रिंस तुर्की अल-फैसल के हवाले से कहा कि यह मूलतः बेंजामिन नेतन्याहू का युद्ध है, जिन्होंने ट्रंप को इसका समर्थन करने के लिए राजी किया। हालांकि, इस मसले पर सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन की सरकारों ने बोलने इन्कार किया। वहीं व्हाइट हाउस प्रवक्ता एना केली ने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के कारण ईरान के मिसाइल हमले 90 फीसदी तक कम हो गए हैं। वहीं, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने भी माना कि ईरान के शाहेद ड्रोन की लहरों को रोकना मुश्किल हो रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने खाड़ी देशों पर लगभग 380 मिसाइलें और 1,480 ड्रोन दागे हैं, जिनसे कम से कम 13 लोगों की मौत हुई।
खामेनेई के सोशल मीडिया खाते से इस्राइल को चेतावनी
अमेरिका और इस्राइल के सैन्य हमलों में मारे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया और इस्राइल को चेतावनी दी है। पोस्ट में कहा गया, यहूदी वादी शासन (जायनिस्ट) ने बहुत बड़ी गलती की है और नतीजे इसे निराश कर देंगे। इंशाअल्लाह। खामेनेई की मौत के बाद उनके आधिकारिक सोशल मीडिया खाते पर यह पहली पोस्ट साझा की गई है।
अन्य देशों की मध्यस्थता की कोशिशों के बीच ईरान का कड़ा संदेश- हमें कम मत आंकिए
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शुक्रवार को कहा कि कुछ देशों ने अमेरिका और इस्राइल के साथ चल रहे झगड़े में बीच-बचाव की कोशिश शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि हम भी शांति पसंद करते हैं, लेकिन अपनी इज्जत और स्वतंत्रता के साथ। हमने पिछले हफ्ते सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को खो दिया। शायद कुछ लोगों ने हमें कम आंक लिया है।
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘कुछ देशों ने बीच-बचाव की कोशिशें शुरू कर दी हैं। साफ-साफ कह दूं कि हम इस इलाके में हमेशा शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, फिर भी हमें अपने देश की इज्जत और आजादी की रक्षा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है। बीच-बचाव उन लोगों पर होना चाहिए, जिन्होंने ईरानी लोगों को कम आंका और इस झगड़े को भड़काया।
ईरानी प्रेसिडेंट का यह बयान तब आया जब कई रिपोर्ट्स में बताया गया कि ईरान ने इजरायल पर हमलों की एक नई श्रृंखला शुरू कर दी है, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें उसकी लेटेस्ट सुपर-हैवी खोर्रमशहर-4 भी शामिल है। लेबनान की ऑफिशियल नेशनल न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर दक्षिणी लेबनान के शहर शिडोन में एक आवासीय इमारत पर इजरायली हवाई हमले को निशाना बनाया गया।
ईरान ने कुर्दिस्तान में कुर्द विरोधी समूहों पर मिसाइल हमले किए: ईरानी मीडिया
ईरान ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में कुर्द विरोधी समूहों पर मिसाइल हमले किए हैं। यह जानकारी ईरान के सरकारी टीवी ने दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी बलों ने उन ठिकानों को निशाना बनाया, जिन्हें तेहरान ईरान-विरोधी अलगाववादी समूहों का अड्डा बताता है। ये समूह उत्तरी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र में सक्रिय बताए जाते हैं। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब खबरें आ रही हैं कि अमेरिका इराक में मौजूद कुर्द विरोधी गुटों के साथ तालमेल कर रहा है। इन गुटों ने संकेत दिया है कि वे ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष में शामिल हो सकते हैं।
बिना शर्त आत्मसमर्पण करे ईरान: डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान के साथ किसी भी तरह का समझौता तभी होगा, जब वह बिना शर्त आत्मसमर्पण करेगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद ईरान में एक ‘बेहतरीन और स्वीकार्य नेतृत्व’ चुना जाएगा। इसके बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देश मिलकर ईरान को तबाही के कगार से वापस लाने के लिए काम करेंगे। ट्रंप ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के बाद ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ज्यादा बड़ी, बेहतर और मजबूत बनेगी। उन्होंने अपने बयान के अंत में नारा दिया- ‘मेक ईरान ग्रेट अगेन (एमआईजीए)’।
कतर में भारतीय दूतावास ने एडवइजरी जारी की
पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच दोहा में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए वीजा, ट्रांजिट और और सऊदी अरब के बाहर यात्रा को लेकर जानकारी दी। दूतावास ने आज एक एडवाइजरी में बताया कि कतर में ट्रांजिट के दौरान फंसे भारतीय नागरिकों के लिए एक पंजीकरण लिंक खोला गया है। इस लिंक के जरिये उन्हें सऊदी अरब के लिए अस्थायी ट्रांजिट वीजा हासिल करने में मदद मिलेगी।
दूतावास ने कहा कि यह सुविधा केवल उन भारतीय नागरिकों के लिए है, जो इस समय कतर में ट्रांजिट के दौरान फंसे हुए हैं और जिनके पास सऊदी अरब से आगे यात्रा के लिए कन्फर्म टिकट हैं। ऐसे लोग दिए गए लिंक पर पंजीकरण कर सकते हैं। दूतावास ने यह भी बताया कि कतर के गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि कतर में समाप्त हो चुके या समाप्त होने वाले सभी प्रवेश वीजा की अवधि एक महीने के लिए बढ़ा दी गई है। यह फैसला 28 फरवरी 2026 से लागू हुआ है और स्थिति के अनुसार इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। भारतीय नागरिकों को यह भी बताया गया है कि आपात स्थित में सलवा बॉर्डर क्रॉसिंग के रास्ते सड़क मार्ग से सऊदी अरब के लिए निकलने का विकल्प फिलहाल खुला है।
इस्राइल का दावा- 50 लड़ाकू विमानों ने खामेनेई के ‘भूमिगत बंकर’ को नष्ट किया
इस्राइली सेना ने दावा किया है कि उसके 50 लड़ाकू विमानों ने तेहरान में उस भूमिगत बंकर पर हमला किया है, जिसे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए बनाया गया था। इस्राइल ने एक बयान में दावा किया कि यह परिसर मध्य तेहरान की सड़कों के नीचे पूरी तरह फैला हुआ था और इसमें बैठक कक्ष भी शामिल थे। बयान में यह भी कहा गया कि खामेनेई की हत्या के बाद भी वरिष्ठ अधिकारी इस सुविधा का इस्तेमाल करते रहे।
ईरान में स्कूल पर हमले की जल्द हो पारदर्शी जांच: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने ईरान के स्कूल में हुए हमले की जल्द जांच कराने की अपील की। इस हमले में 175 लोगों की मौत हो गई थी। तुर्क ने जिनेवा में पत्रकारों से बातचीतमें कहा कि अमेरिका ने इस हमले की जांच की घोषणा की है। संयुक्त राष्ट्र चाहता है कि यह जांच जल्द, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच तेजी से होनी चाहिए। इसके साथ ही हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। पीड़ितों को न्याय और उचित मुआवजा भी मिलना चाहिए। इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका मिनाब में हुए इस हमले की जांच कर रहा है।
इस्राइल ने दक्षिण लेबनान में फिर किए हवाई हमले
इस्राइल ने एकबार फिर दक्षिण लेबनान में हवाई हमले किए हैं। अल-जजीरा ने स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि इस्राइली लड़ाकू विमानों ने दक्षण लेबनान के कई इलाकों को निशाना बनाया। ये हवाई हमले मरवानीह और याह्मार अल-शफीक कस्बों के पास हुए हैं। इलाके में कई धमाकों की आवाजें सुनी गई और हमलों के बाद स्थिति तनावपूर्ण है।
भारत की कतर में रहने वाले अपने नागरिकों से अपील
मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत ने कतर में रहने वाले अपने सभी नागरिकों से कतर के अधिकारियों, विशेष रूप से गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का अनुरोध किया है। मंत्रालय ने कतर के सभी निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर बाहर न निकलने और खिड़कियों और खुले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि कतर का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है और उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित हैं। कतर एयरवेज 7 मार्च, 2026 को सुबह 9 बजे (दोहा समय) अगली अपडेट जारी करेगी। सभी यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी-अपनी एयरलाइन के संपर्क में रहें



