कमजोरियों से नेतृत्व तक: युवा चेंज मेकर्स का एक प्रेरक संगम


भोपाल। “अपनी ऊर्जा और जोश को हमेशा बनाए रखें! हम आपकी बात सुनने के लिए यहां मौजूद हैं!” भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने सम्बोधित करते हुए कही। “आपको अपने अधिकारों के लिए हमेशा आवाज उठानी ही चाहिए! पुलिस हमेशा आपके साथ है!” मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सामुदायिक सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे कुछ अभियानों को साझा करते हुए, मंजुलता खत्री (अतिरिक्त डीसीपी महिला अपराध, एजेके) ने सभी किशोरों और महिलाओं से यह बात कही। उपरोक्त विचार अतिथियों द्वारा आर.के.डी.एफ. मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, भोपाल में आयोजित “सृजन सम्मेलन” कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए गए। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन मध्यप्रदेश पुलिस, भोपाल पुलिस कमिश्नरेट, आर.के.डी.एफ. एवं उदय सामाजिक विकास संस्था द्वारा किया गया।
वर्ष 2022 से मध्यप्रदेश पुलिस के कम्युनिटी पुलिस विंग के माध्यम से संचालित ‘सृजन किशोर सशक्तिकरण कार्यक्रम’ का उद्देश्य वंचित किशोर-किशोरियों, विशेष रूप से बालिकाओं, को न्याय तक पहुँच और सशक्तिकरण के अवसर उपलब्ध कराना है। यह पहल विभिन्न विभागों एवं उदय संस्था जैसे सिविल सोसायटी संगठनों के सहयोग व समन्वय से संचालित की जा रही है। कार्यक्रम के अंतर्गत किशोरों को आत्मरक्षा, एथलेटिक्स, संवैधानिक मूल्यों, करियर मार्गदर्शन एवं जीवन कौशल से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किये जाते हैं। डॉ. लिजी थॉमस, उदय संस्था निर्देशिका, ने साझा किया की वर्तमान में मध्यप्रदेश के 35 जिलों में 7,000 से अधिक सृजन किशोर-किशोरियों को इस कार्यक्रम के माध्यम से सशक्त किया जा चुका है।
कार्यक्रम में 250 से अधिक किशोर-किशोरियों, महिलाओं एवं पुरुषों ने भाग लिया। इस दौरान सृजन किशोरों द्वारा अपनी प्रेरणादायक सफलता की कहानियों तथा मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण का प्रदर्शन भी किया गया। इनके बाद किशोरों और महिलाओं ने समुदाय में अपने चेलेंजेज़ पर अपने विचार एक जन संवाद कार्यक्रम में साझा किये| उदय संस्था टीम द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस की कम्युनिटी पुलिसिंग पहलों में अपने योगदान को भी एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। अंत में, आर.के.डी.एफ. द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं और करियर परामर्श पर संक्षिप्त सत्र भी आयोजित किये गए।
इस अवसर पर उपस्थित अन्य विशिष्ट व्यक्तियों में आरकेडीएफ समूह की चांसलर डॉ. साधना कपूर और रजनीश कश्यप कौल (एसीपी मिसरोद जोन II) शामिल थे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ एक सशक्त और लैंगिक-समान भविष्य के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया गया।


